#बेनकाब चेहरे हैं, दाग बड़े गहरे हैं टूटता तिलिस्म आज सच से भय खाता हूं गीत नहीं गाता हूं----------अटल बिहारी वाजपेयी
दिल्ली:
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| Atal Bihari Vajpayee |
वरिष्ठ सांसद श्री वाजपेयी जी राजनीति के क्षेत्र में चार दशकों तक सक्रिय रहे। वह लोकसभा (लोगों का सदन) में नौ बार और राज्य सभा (राज्यों की सभा) में दो बार चुने गए जो अपने आप में ही एक कीर्तिमान है।
भारत के प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री, संसद की विभिन्न महत्वपूर्ण स्थायी समितियों के अध्यक्ष और विपक्ष के नेता के रूप में उन्होंने आजादी के बाद भारत की घरेलू और विदेश नीति को आकार देने में एक सक्रिय भूमिका निभाई।हालांकि इस दौरान उनकी सरकार महज 13 दिन में ही अल्पमत में आ गई और उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. अटल बिहारी वाजपेयी को वर्ष 2015 में नरेंद्र मोदी की सरकार ने देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न ने नवाजा. आइये जानते हैं अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन से जुड़ी बातें के बारे................. Aatal Bihari Vajpaye के जीवन से जुड़ी 5 बातें
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| Atal Bihari Vajpayee |
1. अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हुआ था. उनके पिता का नाम श्री कृष्णा बिहारी वाजपेयी और माता का नाम कृष्णा देवी था. अटल जी के पिता स्कूल में अध्यापक थे.
2. अटल जी ने ग्वालियर के विक्टोरिया कॉलेज से हिंदी, संस्कृत और अंग्रेजी विषय से ग्रेजुएशन की पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने कानपुर के डीएवी कॉलेज से राजनीति शास्त्र से एमए किया.
3.अटल जी (Atal Bihari) देश के ऐसे पहले नेता हैं, जिन्होंने 1977 में सयुंक्त राष्ट्र की सभा में हिंदी भाषण दिया था. अटलजी ने ही सयुंक्त राष्ट्र में हिंदी भाषा को पहचान दिलवाई थी.
Atal Bihari Vajpayee 4. वाजपेयी जीवन भर अविवाहित रहे और बाद में उन्होंने एक लड़की को गोद लिया था जिसका नाम उन्होंने नमिता रखा. राजनीतिक जीवन के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी 10 बार लोकसभा सदस्य चुने गए और दो बार राज्यसभा के सदस्य बने. उस दौर में जब देश की सत्ता संभालने वाले ज्यादातर प्रधानमंत्री ने भारत को विश्वशक्ति बनाने के लिए परमाणु बम का परीक्षण करने की बात कर रहे थे, वहीं अटल बिहारी वाजपेयी ने लीग से हटकर पहली बार पोखरण में एक के बाद एक पांच परमाणु बम परीक्षण करने का माद्दा दिखाया. उन्होंने बड़े ही गोपनीय तरीके से इस परीक्षण को अंजाम दिलाया.
5. अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) देश के 10वें प्रधानमंत्री थे. वह तीन बार देश के प्रधानमंत्री बने. पहली बार 16 मई 1996 से 1 जून तक, दूसरी बार साल 19 मार्च 1998 से 26 अप्रैल 1999 तक और तीसरी बार 13 अक्टूबर 1999 से 22 मई से 2004 तक. राजनेता से पहले अटलजी पत्रकार थे. उन्होंने पांचजन्य, राष्ट्रधर्म, वीर अर्जुन और स्वदेश जैसे अखबारों और पत्रिकाओं का संपादन किया था. साल 2015 में उन्हें भारत के सबसे बड़े सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 16 अगस्त 2018 को आखिरी सांस ली थी.
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